Suzlon Energy Share Price आज यानी 4 दिसंबर को तेज गिरावट में रहा। ट्रेडिंग के शुरुआती घंटों में ही सुजलॉन के शेयर करीब 4% टूटकर ₹50.60 के दिन के निचले स्तर तक पहुंच गए। दिन भर के कारोबार में कंपनी के 6.22 करोड़ से अधिक शेयरों में लेन-देन हुआ, जो निवेशकों की बढ़ती घबराहट को दर्शाता है। खास बात यह है कि कंपनी की ओर से बाजार को कोई नई आधिकारिक जानकारी नहीं भेजी गई है, फिर भी स्टॉक दबाव में रहा।
Suzlon Energy Share Price
हालांकि कंपनी ने कोई नई घोषणा नहीं की, लेकिन सुजलॉन ने हाल ही में बताया था कि उसकी टीम 4 और 5 दिसंबर को एनालिस्ट मीट में हिस्सा लेने वाली है। इस मीटिंग से पहले निवेशकों ने रिएक्शन दिखाते हुए प्रॉफिट बुकिंग की, जिससे Suzlon Energy Share Price पर दबाव बढ़ा।
F&O में शामिल होने से बढ़ी शॉर्ट सेलिंग
टेक्निकल और डेरिवेटिव रिसर्च एनालिस्ट आशीष बहेती के अनुसार, सुजलॉन एनर्जी के F&O सेगमेंट में शामिल होने के बाद इसमें शॉर्ट सेलिंग की संभावनाएं काफी बढ़ गई हैं। उन्होंने बताया कि स्टॉक में नई शॉर्ट पोजीशन बननी शुरू हो गई हैं, जिससे Suzlon Energy Share Price के ऊपर दबाव बन रहा है।
बहेती ने निवेशकों को सलाह दी कि वे ₹51 का स्टॉप लॉस रखें और यदि स्टॉक में अगली कोई तेज बढ़त दिखे तो पोजीशन हल्की करने या बाहर निकलने के बारे में सोचें। उनके अनुसार, फिलहाल सुजलॉन का टेक्निकल चार्ट तेजी का संकेत नहीं देता।
Suzlon Energy Q2 Results
गिरावट के बीच एक पॉजिटिव खबर यह है कि सुजलॉन एनर्जी ने सितंबर तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है।
- कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹200 करोड़ से बढ़कर ₹1,278 करोड़ हो गया।
- इसमें ₹718 करोड़ का टैक्स राइट-बैक शामिल है, लेकिन इसके बिना भी मुनाफा दोगुने से अधिक रहा।
- सुजलॉन का रेवेन्यू 84% बढ़कर ₹3,870 करोड़ पहुंच गया, जबकि पिछले साल यही आंकड़ा ₹2,103 करोड़ था।
- कंपनी का EBITDA 293.4 करोड़ से बढ़कर 720 करोड़ हो गया।
- EBITDA मार्जिन 14% से सुधारकर 18.6% तक पहुंच गया।
इन नतीजों से साफ है कि कंपनी की मूलभूत स्थिति मजबूत हो रही है, लेकिन मार्केट सेंटिमेंट फिलहाल पूरी तरह सपोर्ट नहीं कर रहा है।
Suzlon Energy Share Price History
गुरुवार के कारोबार में सुजलॉन एनर्जी का शेयर 3.21% टूटकर ₹50.90 पर बंद हुआ।
- साल 2025 में अब तक 22% की गिरावट दर्ज की गई है।
- हालांकि पिछले 5 वर्षों में इसने 1,485% का मल्टीबैगर रिटर्न देकर कमाल किया है।
लॉन्ग-टर्म में रिटर्न शानदार रहे हैं, लेकिन शॉर्ट-टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ गई है।
निष्कर्ष
Suzlon Energy Share Price में गिरावट का सबसे बड़ा कारण है F&O में शामिल होना और उसके बाद बढ़ी शॉर्ट सेलिंग। बावजूद इसके, कंपनी के फंडामेंटल्स मजबूत बने हुए हैं और हालिया तिमाही नतीजे भी प्रभावशाली हैं।
शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स के लिए यह स्टॉक अभी जोखिम भरा हो सकता है, जबकि लॉन्ग-टर्म निवेशक कंपनी की ग्रोथ स्टोरी पर भरोसा रख सकते हैं। निवेश से पहले स्टॉप लॉस का पालन करना और वोलैटिलिटी को ध्यान में रखना जरूरी है।



